राहु काल क्या है और कैसे गिना जाता है
दिन के आठ बराबर भागों में से एक, जो वार से तय होता है
Rahu Kaal · Rahu Kalam · Rahukalam · Rahu Kal · Yamaganda · Gulika Kaal
राहु काल क्या है?
राहु काल दिन का एक हिस्सा है। सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। हर वार के लिए इनमें से एक भाग तय है, और वही उस दिन का राहु काल होता है। इसलिए राहु काल हमेशा दिन में, सूर्योदय और सूर्यास्त के बीच ही पड़ता है।
हिंदी में इसे राहु काल या राहुकाल कहते हैं। दक्षिण भारत में यही समय आमतौर पर Rahu Kalam कहलाता है।
परंपरा में राहु काल को कैसे देखा जाता है?
परंपरा में राहु काल को किसी नए काम की शुरुआत के लिए अच्छा समय नहीं माना जाता। यह मान्यता काम शुरू करने से जुड़ी है। जो काम पहले से चल रहा है, उस पर इसे लागू नहीं माना जाता।
कौन इसे कितना मानता है, यह हर परिवार और क्षेत्र की अपनी परंपरा है। राहु काल के साथ कई लोग चौघड़िया और अभिजित मुहूर्त भी देखते हैं। उनके नियम अलग हैं।
राहु काल कैसे गिना जाता है?
इसके लिए तीन चीज़ें चाहिए: आपके शहर का उस दिन का सूर्योदय, सूर्यास्त और वार। गिनती ऐसे होती है।
- सूर्योदय से सूर्यास्त तक का समय निकालिए। इसे दिनमान कहते हैं।
- दिनमान को 8 से भाग दीजिए। यह एक भाग की लंबाई है। राहु काल ठीक इतना ही लंबा होता है।
- वार के हिसाब से भाग चुनिए। जैसे सोमवार को दूसरा भाग है, यानी राहु काल सूर्योदय के ठीक एक भाग बाद शुरू होता है।
उदाहरण के लिए, सोमवार 21 दिसंबर 2026 को दिल्ली में सूर्योदय 7:09 AM और सूर्यास्त 5:29 PM पर है। दिनमान 10 घंटे 19 मिनट है, तो एक भाग 1 घंटे 17 मिनट का हुआ। सोमवार को दूसरा भाग है, इसलिए उस दिन राहु काल 8:27 AM से 9:44 AM तक है।
7:09 में 1 घंटा 17 मिनट जोड़ें तो 8:26 आता है, 8:27 नहीं। ऐसा इसलिए, क्योंकि गिनती सेकंड तक होती है और समय आखिर में नज़दीकी मिनट पर गोल किया जाता है। उस दिन सूर्योदय 7:09:29 पर है और एक भाग 1 घंटे 17 मिनट 23 सेकंड का है। इससे राहु काल 8:26:52 पर शुरू होता है, जो गोल होकर 8:27 AM बनता है। इसी वजह से घड़ी पर 7:09 से 5:29 तक 10 घंटे 20 मिनट दिखते हैं, पर सेकंड तक गिनें तो दिनमान 10 घंटे 19 मिनट है।
नीचे की तालिका में हर वार का भाग लिखा है। पहले “राहु काल” वाला कॉलम देखिए। रविवार को यह 8वाँ, यानी आखिरी भाग है, इसलिए रविवार का राहु काल ठीक सूर्यास्त पर खत्म होता है। बाकी दो कॉलम यमगण्ड और गुलिक काल के हैं।
| वार | राहु काल | यमगण्ड | गुलिक काल |
|---|---|---|---|
| रविवार | 8वाँ | 5वाँ | 7वाँ |
| सोमवार | 2वाँ | 4वाँ | 6वाँ |
| मंगलवार | 7वाँ | 3वाँ | 5वाँ |
| बुधवार | 5वाँ | 2वाँ | 4वाँ |
| गुरुवार | 6वाँ | 1वाँ | 3वाँ |
| शुक्रवार | 4वाँ | 7वाँ | 2वाँ |
| शनिवार | 3वाँ | 6वाँ | 1वाँ |
यमगण्ड और गुलिक काल क्या हैं?
यमगण्ड और गुलिक काल भी राहु काल की तरह ही गिने जाते हैं: वही सूर्योदय, वही सूर्यास्त, वही आठ बराबर भाग। फ़र्क़ बस इतना है कि हर वार के लिए इनका भाग अपनी अलग तालिका से आता है, जो ऊपर की तालिका में साथ ही दी गई है।
किसी भी वार को ये तीनों अलग-अलग भागों में पड़ते हैं, इसलिए एक-दूसरे पर नहीं चढ़ते। पर रविवार और बुधवार को गुलिक काल खत्म होते ही राहु काल शुरू हो जाता है, क्योंकि उन दिनों दोनों लगातार भागों में हैं। गुरुवार को यमगण्ड और शनिवार को गुलिक काल पहले भाग में है, यानी उन दिनों वह ठीक सूर्योदय से शुरू होता है।
राहु काल कितनी देर का होता है?
राहु काल हमेशा डेढ़ घंटे का नहीं होता। यह उस दिन के दिनमान का 1/8 हिस्सा है। भारत में गर्मियों में दिन लंबा होता है, तो राहु काल भी लंबा होता है। सर्दियों में दोनों छोटे हो जाते हैं।
2026 में दिल्ली में एक भाग सबसे छोटा दिसंबर में 1 घंटे 17 मिनट का है, और सबसे लंबा जून में 1 घंटे 45 मिनट का। चेन्नई भूमध्य रेखा के ज़्यादा पास है, इसलिए वहाँ यह फ़र्क़ कम है: 1 घंटे 25 मिनट से 1 घंटे 37 मिनट तक। लंदन में यही भाग 59 मिनट से 2 घंटे 5 मिनट तक बदलता है।
नीचे दिल्ली के अगले सात दिन हैं। वार हर दिन बदलता है, इसलिए राहु काल का भाग भी बदलता है और घड़ी पर उसका समय भी। आखिरी कॉलम “एक भाग” राहु काल की लंबाई है, जो आसपास के दिनों में लगभग एक जैसी रहती है। अगर किसी पंक्ति में शुरू और अंत के बीच का अंतर “एक भाग” से एक मिनट कम या ज़्यादा लगे, तो वह ऊपर बताए गोल करने की वजह से है।
| तारीख | वार | राहु काल | यमगण्ड | एक भाग |
|---|---|---|---|---|
| 24 अक्टूबर | शनिवार | 9:16 AM – 10:41 AM | 1:30 PM – 2:54 PM | 1 घंटे 24 मिनट |
| 25 अक्टूबर | रविवार | 4:18 PM – 5:42 PM | 12:05 PM – 1:29 PM | 1 घंटे 24 मिनट |
| 26 अक्टूबर | सोमवार | 7:53 AM – 9:17 AM | 10:41 AM – 12:05 PM | 1 घंटे 24 मिनट |
| 27 अक्टूबर | मंगलवार | 2:52 PM – 4:16 PM | 9:17 AM – 10:41 AM | 1 घंटे 24 मिनट |
| 28 अक्टूबर | बुधवार | 12:05 PM – 1:28 PM | 7:54 AM – 9:17 AM | 1 घंटे 24 मिनट |
| 29 अक्टूबर | गुरुवार | 1:28 PM – 2:52 PM | 6:31 AM – 7:54 AM | 1 घंटे 23 मिनट |
| 30 अक्टूबर | शुक्रवार | 10:41 AM – 12:05 PM | 2:51 PM – 4:14 PM | 1 घंटे 23 मिनट |
दिल्ली का आज का राहु काल, यमगण्ड और गुलिक काल दिल्ली के राहु काल पन्ने पर है।
हर शहर में राहु काल अलग क्यों होता है?
राहु काल शहर के अपने सूर्योदय और सूर्यास्त से बनता है, और ये दोनों हर शहर में अलग होते हैं। पूरे भारत की घड़ी एक है, IST। पर सूरज पूरब में पहले उगता है और पश्चिम में बाद में। इसलिए पूरब के शहरों में राहु काल आमतौर पर घड़ी पर पहले आता है। 2026 के हर दिन गुवाहाटी का राहु काल मुंबई के राहु काल से 64 से 87 मिनट पहले शुरू होता है।
दूसरी वजह यह है कि शहर भूमध्य रेखा से कितना उत्तर या दक्षिण है। इससे दिनमान बदलता है, और दिनमान से राहु काल की लंबाई। कुछ दिनों में यह असर पूरब-पश्चिम वाले फ़र्क़ को उलट भी देता है, इसलिए दो शहरों की तुलना हमेशा उस दिन के असली समय से ही ठीक बैठती है।
नीचे की तालिका में एक ही तारीख पर भारत और विदेश के कुछ शहर हैं। “सूर्योदय” और “दिनमान” कॉलम को “राहु काल” कॉलम के साथ मिलाकर देखिए। विदेश के शहरों के समय उनकी अपनी स्थानीय घड़ी में हैं, IST में नहीं।
| शहर | सूर्योदय | सूर्यास्त | दिनमान | राहु काल |
|---|---|---|---|---|
| दिल्ली | 6:27 AM | 5:43 PM | 11 घंटे 15 मिनट | 9:16 AM – 10:41 AM |
| मुंबई | 6:36 AM | 6:10 PM | 11 घंटे 34 मिनट | 9:29 AM – 10:56 AM |
| कोलकाता | 5:37 AM | 5:04 PM | 11 घंटे 28 मिनट | 8:29 AM – 9:55 AM |
| चेन्नई | 6:01 AM | 5:45 PM | 11 घंटे 45 मिनट | 8:57 AM – 10:25 AM |
| बेंगलुरु | 6:11 AM | 5:56 PM | 11 घंटे 45 मिनट | 9:08 AM – 10:36 AM |
| अहमदाबाद | 6:40 AM | 6:07 PM | 11 घंटे 27 मिनट | 9:32 AM – 10:58 AM |
| जयपुर | 6:31 AM | 5:50 PM | 11 घंटे 19 मिनट | 9:21 AM – 10:46 AM |
| गुवाहाटी | 5:27 AM | 4:47 PM | 11 घंटे 21 मिनट | 8:17 AM – 9:42 AM |
| लंदन | 7:40 AM | 5:49 PM | 10 घंटे 9 मिनट | 10:12 AM – 11:28 AM |
| न्यूयॉर्क | 7:17 AM | 6:03 PM | 10 घंटे 45 मिनट | 9:59 AM – 11:19 AM |
| दुबई | 6:22 AM | 5:44 PM | 11 घंटे 23 मिनट | 9:12 AM – 10:37 AM |
| सिडनी | 6:04 AM | 7:16 PM | 13 घंटे 12 मिनट | 9:22 AM – 11:01 AM |
हर शहर का राहु काल उसके अपने पन्ने पर है, जैसे गुवाहाटी, मुंबई और चेन्नई।
सोमवार 7:30 से 9:00 वाला तय चार्ट कितना सही है?
कई कैलेंडरों और चार्टों में राहु काल घड़ी के तय समय में छपा मिलता है, जैसे सोमवार 7:30 से 9:00 AM, या रविवार 4:30 से 6:00 PM। यह वही वार वाला नियम है। फ़र्क़ बस इतना है कि इसके समय तब निकलते हैं जब सूर्योदय ठीक 6:00 AM पर माना जाए और दिन ठीक 12 घंटे का। तब हर भाग डेढ़ घंटे का बनता है। इसलिए ऐसा चार्ट पूरी तरह तभी सही बैठता है, जब सच में सूर्योदय 6:00 पर हो और दिनमान 12 घंटे का हो।
दिल्ली में सोमवार को चार्ट 7:30 से 9:00 AM बताता है। असल में सोमवार 22 जून 2026 को राहु काल 7:09 AM से 8:53 AM तक है, यानी चार्ट से 21 मिनट पहले शुरू। सोमवार 21 दिसंबर 2026 को यह 8:27 AM से 9:44 AM तक है। यानी चार्ट से 57 मिनट बाद शुरू होता है, और चार्ट के 9:00 के बाद भी 44 मिनट चलता है।
गुवाहाटी में फ़र्क़ और बड़ा हो जाता है। वह भारत के पूरब में है, और 2026 में वहाँ सबसे जल्दी सूर्योदय जून के पहले आधे हिस्से में 4:30 AM पर है। सोमवार 22 जून 2026 को वहाँ राहु काल 6:15 AM से 7:58 AM तक है। चार्ट का 7:30 आने तक असली राहु काल का ज़्यादातर हिस्सा बीत चुका होता है।
नवंबर में वजह दूसरी है: दिन छोटा है और सूर्यास्त जल्दी। रविवार 22 नवंबर 2026 को गुवाहाटी में सूर्यास्त 4:31 PM पर है, इसलिए राहु काल 3:11 PM से 4:31 PM तक है। चार्ट उसी दिन 4:30 से 6:00 PM बताता है, यानी चार्ट का राहु काल तब शुरू होता है जब असली खत्म हो रहा होता है।
पूरे 2026 को देखें तो दिल्ली में 365 में से 145 दिन ऐसे हैं, जब चार्ट का शुरू या खत्म होने का समय असली राहु काल से आधे घंटे से ज़्यादा दूर है। वहाँ सबसे बड़ा फ़र्क़ 83 मिनट का है। गुवाहाटी में ऐसे 244 दिन हैं, और सबसे बड़ा फ़र्क़ 89 मिनट। चेन्नई में ऐसे सिर्फ़ 21 दिन हैं और सबसे बड़ा फ़र्क़ 40 मिनट, क्योंकि वहाँ साल भर सूर्योदय 5:41 AM से 6:36 AM के बीच और दिनमान 11 घंटे 21 मिनट से 12 घंटे 54 मिनट के बीच रहता है, जो चार्ट के माने हुए 6:00 बजे और 12 घंटे के काफ़ी पास है।
यानी घड़ी वाला चार्ट एक मोटा अंदाज़ा है। कुछ शहरों और मौसमों में यह असली राहु काल के पास रहता है, और कुछ में उससे बहुत दूर चला जाता है।
daylight saving वाले शहरों में राहु काल कैसे बदलता है?
लंदन, न्यूयॉर्क, टोरंटो, शिकागो, ह्यूस्टन, डलास, एडिसन, फ़्रीमॉन्ट और सिडनी में साल में दो बार घड़ी एक घंटा आगे या पीछे की जाती है। इन शहरों का राहु काल उस दिन की स्थानीय घड़ी में छपता है, यानी वही समय जो वहाँ फ़ोन पर दिखता है। पर भाग की लंबाई असल में बीते समय से नापी जाती है, घड़ी पर लिखे अंकों से नहीं।
इसी वजह से घड़ी बदलने वाले हफ़्ते में राहु काल घड़ी पर अचानक लगभग एक घंटा खिसकता दिखता है। न्यूयॉर्क में रविवार 25 अक्टूबर 2026 को राहु काल 4:41 PM से 6:01 PM तक है। 1 नवंबर 2026 को वहाँ घड़ी एक घंटा पीछे होती है, और उस रविवार राहु काल 3:34 PM से 4:52 PM तक है। घड़ी पर यह 67 से 69 मिनट पहले आ गया, जबकि सूरज के हिसाब से एक हफ़्ते का असली बदलाव सिर्फ़ 7 से 9 मिनट का है। बाकी एक घंटा घड़ी बदलने का है। न्यूयॉर्क और लंदन के पन्नों पर समय हमेशा उस दिन की स्थानीय घड़ी में है।
दूसरे पंचांग का राहु काल थोड़ा अलग क्यों हो सकता है?
राहु काल सिर्फ़ सूर्योदय, सूर्यास्त और वार से बनता है। इसलिए अगर कोई पंचांग सूर्योदय की परिभाषा अलग रखता है, या शहर के निर्देशांक थोड़े अलग लेता है, तो उसका राहु काल भी थोड़ा अलग आएगा। यहाँ के राहु काल में सूर्योदय का मतलब है सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ (−0.8333 डिग्री)। ऊँचाई का सुधार नहीं लगता, और समय नज़दीकी मिनट पर गोल होते हैं, काटे नहीं जाते। हर शहर के राहु काल पन्ने पर उस शहर के निर्देशांक और समय क्षेत्र भी छपे हैं।
वार के हिसाब से भाग की तालिका परंपरा से आती है। उसका जो रूप यहाँ इस्तेमाल होता है, वह प्रचलित पंचांगों के छपे समय से मिलाकर पक्का किया गया है। पूरी बात गणना का तरीका पन्ने पर लिखी है।
अपने शहर का आज का राहु काल कहाँ मिलेगा?
मुख्य पन्ने पर हर शहर के राहु काल पन्ने का लिंक है। शहर के पन्ने पर आज का राहु काल, यमगण्ड, गुलिक काल, दुर्मुहूर्त और वर्ज्य हैं, और अगले छह दिनों का राहु काल, यमगण्ड और गुलिक काल भी, जैसे कोलकाता या बेंगलुरु में। उस दिन का पूरा पंचांग अलग पन्ने पर है, जैसे दिल्ली का पंचांग।