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संपादकीय नीति

हर समय, हर नियम और हर लेख कहाँ से आता है, और कैसे जाँचा जाता है

पन्नों पर छपे समय कहाँ से आते हैं?

शहर के पन्नों पर छपा हर समय engine की गणना से आता है, और हर तालिका भी engine ही बनाता है। तिथि का अंत हो, सूर्योदय हो या राहु काल, कोई भी समय हाथ से नहीं लिखा जाता।

सूर्य और चंद्रमा की स्थिति NASA JPL की DE440s ephemeris से आती है। Ayanamsa Lahiri (Chitrapaksha) है। सूर्योदय की परिभाषा −0.8333 डिग्री है, यानी सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज को छूता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ। पूरा तरीका गणना के तरीके में लिखा है।

किसी दूसरे पंचांग से मेल बैठाने के लिए गणना में कोई जोड़-घटाव नहीं होता। अगर कोई गणना नहीं हो पाती, तो पन्ना साफ़ लिखता है "गणना उपलब्ध नहीं"। कोई समय अनुमान से नहीं भरा जाता।

सटीकता पन्ने पर तुलना के लिए दूसरे पंचांगों के जो समय दिखाए गए हैं, वे engine के नहीं हैं। वे वैसे ही लिखे गए हैं जैसे उस दिन उन sites पर छपे थे।

मुहूर्त के नियम कहाँ से लिए गए?

तिथि, नक्षत्र, योग और करण की परिभाषाएँ शास्त्रीय हैं। Ayanamsa की परिभाषा भारत सरकार की Calendar Reform Committee की है, और उसका implementation Swiss Ephemeris के documentation से लिया गया है।

राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, दुर्मुहूर्त, चौघड़िया, होरा, वर्ज्य और अमृत काल के नियम परंपरा से आते हैं। पर इनका जो रूप यहाँ चलता है, वह प्रचलित पंचांगों के छपे समय से मिलाकर तय किया गया, जैसा स्रोत और श्रेय पन्ने पर लिखा है। नियम तय होने के बाद हर दिन का समय engine उन्हीं नियमों से गिनता है।

जानकारी वाले पन्ने और शब्दावली किसने लिखे?

राहु काल, चौघड़िया और तिथि जैसे विषय समझाने वाले पन्ने, और शब्दावली, AI की मदद से तैयार किए गए हैं। यह पन्ना भी इसी तरह बना है। इनकी हर परिभाषा engine के code और नियमों की तालिकाओं से मिलाकर जाँची गई है। जानकारी वाले पन्नों की समय-तालिकाएँ भी engine ही बनाता है।

इन पन्नों पर किसी लेखक का नाम नहीं है, क्योंकि इन्हें किसी व्यक्ति ने खुद नहीं लिखा है।

लेखों में परंपरा की बातें कैसे लिखी जाती हैं?

जहाँ किसी समय के बारे में परंपरा की कोई मान्यता आती है, वहाँ उसे परंपरा की बात कहकर बताया जाता है, पक्के नतीजे की तरह नहीं। जहाँ परंपराएँ अलग-अलग हैं, वहाँ यह साफ़ लिखा जाता है, और यह भी कि गणना कौन सा तरीका अपनाती है। बाकी बातें अस्वीकरण में हैं।

गणना की जाँच कैसे होती है?

engine की गणना Swiss Ephemeris से मिलाकर जाँची जाती है। Swiss Ephemeris सिर्फ़ जाँच में चलता है, site पर छपने वाला कोई मान उससे नहीं बनता। जैसे, एक शर्त यह है कि तिथि, नक्षत्र, योग और करण के अंत का समय उससे 2 सेकंड के भीतर रहे। जाँच कब चली और सबसे बड़ा अंतर कितना निकला, यह तारीख के साथ सटीकता पन्ने पर है।

गलती मिलने पर क्या होता है?

सुधार पन्ने पर लिखा है कि कोई भी छपा हुआ मान अगर बदलना पड़ा, तो वह वहाँ तारीख, कारण और असर के साथ लिखा जाएगा, चाहे गलती खुद पकड़ी गई हो या किसी पढ़ने वाले ने बताई हो। कुछ भी चुपचाप नहीं हटेगा। वहाँ ऐसी गलतियाँ भी दर्ज हैं जो छपने से पहले पकड़ी गईं।

क्या विज्ञापन या कोई दूसरा पंचांग तय करता है कि क्या छपे?

यह site Google AdSense का उपयोग करती है। पन्नों पर क्या छपे, इसमें विज्ञापन देने वालों का कोई दखल नहीं है।

किसी भी पंचांग प्रकाशक से इस site का कोई संबंध, साझेदारी या समर्थन नहीं है। यह स्रोत और श्रेय पन्ने पर भी लिखा है।

गलती दिखे तो कैसे बताएँ?

संपर्क पन्ने पर दिए ईमेल पर लिखिए। साथ में शहर, तारीख, कौन सा समय गलत लगा, और आपके हिसाब से सही मान क्या है, यह भी लिख दीजिए।

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