Choghadiya for Prayagraj · शनिवार
| चौघड़िया | समय | |
|---|---|---|
| काल | 6:06 AM – 7:31 AM | |
| शुभ | 7:31 AM – 8:56 AM | |
| रोग | 8:56 AM – 10:21 AM | |
| उद्वेग | 10:21 AM – 11:47 AM | |
| चर | 11:47 AM – 1:12 PM | |
| लाभ | 1:12 PM – 2:37 PM | |
| अमृत | 2:37 PM – 4:02 PM | |
| काल | 4:02 PM – 5:28 PM |
| चौघड़िया | समय | |
|---|---|---|
| लाभ | 5:28 PM – 7:02 PM | |
| उद्वेग | 7:02 PM – 8:37 PM | |
| शुभ | 8:37 PM – 10:12 PM | |
| अमृत | 10:12 PM – 11:47 PM | |
| चर | 11:47 PM – 1:22 AM | |
| रोग | 1:22 AM – 2:57 AM | |
| काल | 2:57 AM – 4:31 AM | |
| लाभ | 4:31 AM – 6:06 AM |
चौघड़िया का अर्थ है चार घड़ी, यानी दिन या रात का आठवाँ भाग — बारह घंटे के दिन में लगभग डेढ़ घंटा। दिन को सूर्योदय से सूर्यास्त तक आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है, और रात को सूर्यास्त से अगले सूर्योदय तक आठ भागों में। हर भाग किसी ग्रह का होता है और उसी से वह शुभ, अशुभ या सम माना जाता है।
चूँकि यह सूर्योदय और सूर्यास्त से बनता है, हर शहर का चौघड़िया अलग होता है। प्रयागराज में आज दिन 11 घंटे 22 मिनट का है, इसलिए यहाँ हर चौघड़िया लगभग 1 घंटे 25 मिनट का है।
अमृत, शुभ और लाभ शुभ माने जाते हैं, चर सम, और उद्वेग, काल और रोग अशुभ। कौन सा चौघड़िया किस वार को कहाँ पड़ेगा, यह वार के स्वामी ग्रह से तय होता है — इसीलिए यह हर दिन बदलता है।
चौघड़िया कैसे बनता है, हर वार का पूरा क्रम →