Karwa Chauth 2026 · moonrise time in 60 cities
चाँद नीचे लिखे समय पर क्षितिज के ऊपर आता है। पूर्व दिशा में इमारतें, पेड़ या धुंध हों तो उसे दिखने में कुछ देर और लग सकती है; रुकावट जितनी ऊँची और पास हो, उतनी ज़्यादा।
| शहर | चंद्रोदय | व्रत |
|---|---|---|
| दिल्ली | 8:12 PM | 6:31 AM – 8:12 PM |
| मुंबई | 8:56 PM | 6:37 AM – 8:56 PM |
| कोलकाता | 7:42 PM | 5:39 AM – 7:42 PM |
| चेन्नई | 8:40 PM | 6:02 AM – 8:40 PM |
| बेंगलुरु | 8:51 PM | 6:12 AM – 8:51 PM |
| हैदराबाद | 8:37 PM | 6:13 AM – 8:37 PM |
| अहमदाबाद | 8:47 PM | 6:43 AM – 8:47 PM |
| पुणे | 8:53 PM | 6:33 AM – 8:53 PM |
| जयपुर | 8:23 PM | 6:35 AM – 8:23 PM |
| लखनऊ | 8:02 PM | 6:14 AM – 8:02 PM |
| कानपुर | 8:05 PM | 6:16 AM – 8:05 PM |
| नागपुर | 8:25 PM | 6:15 AM – 8:25 PM |
| इंदौर | 8:34 PM | 6:30 AM – 8:34 PM |
| भोपाल | 8:26 PM | 6:24 AM – 8:26 PM |
| पटना | 7:48 PM | 5:56 AM – 7:48 PM |
| सूरत | 8:51 PM | 6:40 AM – 8:51 PM |
| वाराणसी | 7:57 PM | 6:04 AM – 7:57 PM |
| प्रयागराज | 8:02 PM | 6:09 AM – 8:02 PM |
| अयोध्या | 7:57 PM | 6:09 AM – 7:57 PM |
| मथुरा | 8:14 PM | 6:28 AM – 8:14 PM |
| हरिद्वार | 8:04 PM | 6:29 AM – 8:04 PM |
| उज्जैन | 8:33 PM | 6:30 AM – 8:33 PM |
| तिरुपति | 8:42 PM | 6:06 AM – 8:42 PM |
| पुरी | 8:00 PM | 5:46 AM – 8:00 PM |
| अमृतसर | 8:13 PM | 6:44 AM – 8:13 PM |
| गुवाहाटी | 7:18 PM | 5:30 AM – 7:18 PM |
| कोच्चि | 9:04 PM | 6:15 AM – 9:04 PM |
| नासिक | 8:50 PM | 6:35 AM – 8:50 PM |
| चंडीगढ़ | 8:07 PM | 6:35 AM – 8:07 PM |
| रायपुर | 8:14 PM | 6:05 AM – 8:14 PM |
| वडोदरा | 8:46 PM | 6:40 AM – 8:46 PM |
| राजकोट | 8:57 PM | 6:49 AM – 8:57 PM |
| जोधपुर | 8:37 PM | 6:45 AM – 8:37 PM |
| उदयपुर | 8:38 PM | 6:40 AM – 8:38 PM |
| बीकानेर | 8:30 PM | 6:46 AM – 8:30 PM |
| भावनगर | 8:52 PM | 6:43 AM – 8:52 PM |
| जामनगर | 8:59 PM | 6:52 AM – 8:59 PM |
| कोटा | 8:28 PM | 6:32 AM – 8:28 PM |
| अजमेर | 8:29 PM | 6:39 AM – 8:29 PM |
| मैसूर | 8:57 PM | 6:16 AM – 8:57 PM |
| कोयंबटूर | 8:58 PM | 6:13 AM – 8:58 PM |
| मदुरै | 8:56 PM | 6:07 AM – 8:56 PM |
| विशाखापत्तनम | 8:16 PM | 5:55 AM – 8:16 PM |
| विजयवाड़ा | 8:30 PM | 6:04 AM – 8:30 PM |
| शहर | तारीख | चंद्रोदय | व्रत |
|---|---|---|---|
| न्यूयॉर्क | बुधवार, 28 अक्टूबर | 7:30 PM | 7:22 AM – 7:30 PM |
| एडिसन | बुधवार, 28 अक्टूबर | 7:32 PM | 7:23 AM – 7:32 PM |
| शिकागो | बुधवार, 28 अक्टूबर | 7:21 PM | 7:18 AM – 7:21 PM |
| ह्यूस्टन | बुधवार, 28 अक्टूबर | 8:37 PM | 7:32 AM – 8:37 PM |
| डलास | बुधवार, 28 अक्टूबर | 8:33 PM | 7:42 AM – 8:33 PM |
| फ़्रीमॉन्ट | बुधवार, 28 अक्टूबर | 8:02 PM | 7:29 AM – 8:02 PM |
| टोरंटो | बुधवार, 28 अक्टूबर | 7:39 PM | 7:48 AM – 7:39 PM |
| लंदन | गुरुवार, 29 अक्टूबर | 6:22 PM | 6:49 AM – 6:22 PM |
| दुबई | गुरुवार, 29 अक्टूबर | 8:24 PM | 6:24 AM – 8:24 PM |
| सिडनी | गुरुवार, 29 अक्टूबर | 11:09 PM | 5:58 AM – 11:09 PM |
| अटलांटा | बुधवार, 28 अक्टूबर | 8:38 PM | 7:53 AM – 8:38 PM |
| सिएटल | बुधवार, 28 अक्टूबर | 7:17 PM | 7:48 AM – 7:17 PM |
| लॉस एंजेलिस | बुधवार, 28 अक्टूबर | 7:58 PM | 7:09 AM – 7:58 PM |
| बोस्टन | बुधवार, 28 अक्टूबर | 7:10 PM | 7:13 AM – 7:10 PM |
| वॉशिंगटन डी.सी. | बुधवार, 28 अक्टूबर | 7:49 PM | 7:31 AM – 7:49 PM |
| लेस्टर | गुरुवार, 29 अक्टूबर | 6:18 PM | 6:56 AM – 6:18 PM |
करवा चौथ कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को होता है। यह उत्तर भारत की पूर्णिमांत गिनती है। अमांत गिनती, जो गुजरात, महाराष्ट्र और दक्षिण भारत में चलती है, इसी तिथि को आश्विन कृष्ण चतुर्थी कहती है। तिथि वही है, बस महीने का नाम अलग है।
व्रत उस दिन रखा जाता है जिस दिन चंद्रोदय के समय चतुर्थी चल रही हो। 2026 में चतुर्थी भारतीय समय से 29 अक्टूबर को 1:07 AM पर शुरू होकर 29 अक्टूबर को 10:11 PM पर खत्म होती है। भारत के हर शहर में 29 अक्टूबर की शाम का चंद्रोदय इसी बीच पड़ता है, इसलिए व्रत गुरुवार, 29 अक्टूबर को है।
तिथि पूरी पृथ्वी पर एक ही क्षण बदलती है, पर चाँद हर शहर में अपने स्थानीय समय पर निकलता है। न्यूयॉर्क, एडिसन, शिकागो, ह्यूस्टन, डलास, फ़्रीमॉन्ट, टोरंटो, अटलांटा, सिएटल, लॉस एंजेलिस, बोस्टन, वॉशिंगटन डी.सी. में चतुर्थी 28 अक्टूबर की शाम के चंद्रोदय के समय चल रही होती है, किसी और शाम के चंद्रोदय पर नहीं। इसलिए वहाँ व्रत बुधवार, 28 अक्टूबर को है।
लंदन में चतुर्थी किसी भी शाम के चंद्रोदय के समय नहीं है: 28 अक्टूबर को चाँद 5:26 PM पर निकलता है, जब चतुर्थी (7:37 PM से) शुरू नहीं हुई होती; 29 अक्टूबर को चतुर्थी 4:41 PM पर खत्म हो जाती है और चाँद 6:22 PM पर निकलता है। ऐसे में धर्मसिंधु के नियम से बाद वाला दिन लिया जाता है, जिसके सूर्योदय पर चतुर्थी होती है, यानी गुरुवार, 29 अक्टूबर। एक बड़ा प्रचलित पंचांग भी यही दिन देता है। अपने पुरोहित से भी पूछ लीजिए।
लेस्टर में चतुर्थी किसी भी शाम के चंद्रोदय के समय नहीं है: 28 अक्टूबर को चाँद 5:22 PM पर निकलता है, जब चतुर्थी (7:37 PM से) शुरू नहीं हुई होती; 29 अक्टूबर को चतुर्थी 4:41 PM पर खत्म हो जाती है और चाँद 6:18 PM पर निकलता है। ऐसे में धर्मसिंधु के नियम से बाद वाला दिन लिया जाता है, जिसके सूर्योदय पर चतुर्थी होती है, यानी गुरुवार, 29 अक्टूबर। एक बड़ा प्रचलित पंचांग भी यही दिन देता है। अपने पुरोहित से भी पूछ लीजिए।
करवा चौथ पर विवाहित स्त्रियाँ सूर्योदय से चंद्रोदय तक व्रत रखती हैं, ज़्यादातर बिना पानी के। पंजाबी परिवारों में सूर्योदय से पहले सास की दी हुई सरगी खाने का चलन है। शाम को करवा, यानी टोंटी वाला मिट्टी या धातु का लोटा, रखकर पूजा होती है और करवा चौथ की कथा सुनी जाती है। रात को चाँद निकलने पर उसे अर्घ्य देकर, और कई घरों में छलनी से चाँद और फिर पति को देखकर, व्रत खोला जाता है।
यह परंपरा पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में खास तौर पर निभाई जाती है, और अब देश-विदेश में बसे परिवारों में भी। विधि और कथा हर परिवार में थोड़ी अलग होती है। यह पन्ना सिर्फ़ समय बताता है; विधि अपने घर की परंपरा से कीजिए।
शाम की पूजा का जो समय हर शहर के पन्ने पर लिखा है, वह सायाह्न सन्ध्या है: सूर्यास्त से रात के डेढ़ मुहूर्त तक। एक मुहूर्त रात की लंबाई, यानी सूर्यास्त से अगले सूर्योदय तक के समय, का पंद्रहवाँ भाग होता है। 29 अक्टूबर की शाम दिल्ली में यह 5:38 PM – 6:56 PM है, यानी 1 घंटे 17 मिनट। धर्मसिंधु सूर्यास्त के बाद की तीन घड़ियों को सायं सन्ध्या कहता है, और प्रचलित पंचांग करवा चौथ की पूजा के लिए यही समय देते हैं। बहुत से परिवार कथा दोपहर में ही सुन लेते हैं; वह भी उतना ही चलन में है।
यहाँ चंद्रोदय वह क्षण है जब चाँद का ऊपरी किनारा क्षितिज पर आता है। इसमें हवा से होने वाला प्रकाश का मुड़ाव (अपवर्तन, लगभग 34 कला) जुड़ा है, और चाँद की वह स्थिति ली गई है जो आपके शहर से दिखती है, पृथ्वी के केंद्र से नहीं (लंबन)। सूर्योदय भी इसी तरह ऊपरी किनारे से गिना जाता है, और खगोलीय पंचांग-पुस्तकें यही परिभाषा लेती हैं। ऊपर की तालिकाओं का हर चंद्रोदय Swiss Ephemeris की इसी परिभाषा वाली गणना से मिलाया गया है, और सबसे बड़ा अंतर 4.4 सेकंड रहा (11 अक्टूबर 2026 की जाँच)।
कई प्रचलित पंचांग चाँद का केंद्र लेते हैं और अपवर्तन नहीं जोड़ते। उस तरीके से दिल्ली में चंद्रोदय 8:17 PM आता है, यानी लगभग 5 मिनट बाद। दोनों गणनाएँ अपनी-अपनी परिभाषा में सही हैं; फ़र्क़ बस इतना है कि "चाँद निकलना" किस क्षण को माना जाए। ऊपरी किनारे वाला समय वह सबसे पहला क्षण है जब चाँद खुले क्षितिज पर दिख सकता है। दोनों तरीकों की शहर-वार तुलना गणना कितनी सही है पर है।
छपा हुआ समय समतल और खुले क्षितिज का है, शहर के निर्देशांक पर। ऊँची इमारतें, पेड़, पहाड़ी या धुंध हो, तो चाँद कुछ देर बाद दिखता है। इसलिए छपे समय के बाद भी कुछ देर पूर्व दिशा में देखते रहिए।
भारत में गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026 को। न्यूयॉर्क, एडिसन, शिकागो, ह्यूस्टन, डलास, फ़्रीमॉन्ट, टोरंटो, अटलांटा, सिएटल, लॉस एंजेलिस, बोस्टन, वॉशिंगटन डी.सी. में बुधवार, 28 अक्टूबर को।
दिल्ली में 8:12 PM, मुंबई में 8:56 PM, कोलकाता में 7:42 PM, जयपुर में 8:23 PM, लखनऊ में 8:02 PM। अपने शहर का समय ऊपर की तालिका में देखिए।
सूर्योदय से चंद्रोदय तक। दिल्ली में 6:31 AM – 8:12 PM, यानी 13 घंटे 41 मिनट।
वे चाँद का केंद्र लेते हैं और अपवर्तन नहीं जोड़ते, यहाँ चाँद का ऊपरी किनारा लिया गया है। दिल्ली में उनका तरीका 8:17 PM देता है और यह पन्ना 8:12 PM।
छपा समय खुले क्षितिज का है। पूर्व में इमारतें, पेड़ या धुंध हों तो चाँद उसके कुछ देर बाद दिखता है। कितनी देर, यह रुकावट की ऊँचाई और दूरी पर निर्भर है: पास की ऊँची इमारत के पीछे से चाँद काफ़ी देर बाद दिखता है। बादल हों तो और देर लगती है।
चतुर्थी पूरी दुनिया में एक ही क्षण शुरू और खत्म होती है, पर उस क्षण हर शहर की घड़ी में अलग समय होता है और चाँद भी हर शहर में अपने समय पर निकलता है। न्यूयॉर्क, एडिसन, शिकागो, ह्यूस्टन, डलास, फ़्रीमॉन्ट, टोरंटो, अटलांटा, सिएटल, लॉस एंजेलिस, बोस्टन, वॉशिंगटन डी.सी. में चतुर्थी 28 अक्टूबर की शाम के चंद्रोदय के समय चल रही होती है, इसलिए वहाँ व्रत बुधवार, 28 अक्टूबर को है।
भारत के बाहर